इंदिरा गांधी पर निबंध Essay on Indira Gandhi in hindi
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इंदिरा गांधी पर निबंध Essay on Indira Gandhi
हैलो दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है, हमारे इस लेख इंदिरा गांधी पर निबंध (Essay on Indira Gandhi) में। दोस्तों इस लेख में आप भारत देश की एक स्वतंत्रता संग्रामी
तथा प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बारे में जानेंगे। इसके साथ ही आप इंदिरा गांधी के बारे में प्रारंभिक जीवन राजनीतिक जीवन
अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में भी जानेंगे। तो दोस्तों आइए शुरू करते हैं, आज का यह लेख इंदिरा गांधी पर निबंध हिंदी में।
इंदिरा गाँधी के बारे में About Indira Gandhi
इंदिरा गाँधी पर निबंध :- इंदिरा गाँधी भारत देश की पहली महिला प्रधानमंत्री (First female prime minister) थी, जो अपने व्यक्तित्व से देश की सभी नारियों की प्रेरणास्रोत रही है।
इंदिरा गाँधी भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की पुत्री, तथा भारत की एक महान राजनीतिक (Politician) नेता थी।
जिन्होंने भारत छोडो आंदोलन(Quit India Movement) में सक्रिय भूमिका निभाई. इंदिरा गाँधी एक साहसी निर्भीक प्रवृति की महिला थी,
उन्होंने देश के युवा और युवतियों का वानर सेना नामक संगठन बनाया था, जिसने अंग्रेजो के प्रति विरोध प्रदर्शन, जुलुस यात्रा तथा कांग्रेस नेताओं की मदद के साथ भारतीय स्वतंत्रता (Indian Independence) में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
इंदिरा गाँधी का परिचय Biography Indira gandhi
भारत देश की एक महान स्वतंत्रता संग्रामी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर 1917 को राजनीतिक नेहरू परिवार में हुआ था।
इनके पिता जी का नाम पंडित जवाहरलाल नेहरु था, जो भारत देश के प्रथम प्रधानमंत्री, तथा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक महान स्वतंत्रता संग्रामी थे।
इंदिरा गांधी की माता जी का नाम कमला नेहरू था, जो बड़े ही सीधे सरल स्वभाव वाली धार्मिक प्रवृत्ति के महिला थी।
इंदिरा गाँधी ने प्रारंभिक पढ़ाई पूरी करने के बाद शांतिनिकेतन में विश्व भारती विश्वविद्यालय में प्रवेश किया जिसको रविंद्र नाथ टैगोर के द्वारा स्थापित किया गया था।
उच्च शिक्षा (Higher education) के लिए इंदिरा गांधी ब्रिटेन इंग्लैंड चली गई जहाँ पर उन्होंने 1937 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय (University of Oxford) की प्रवेश परीक्षा पास करके
सोमरबिल कॉलेज ऑक्सफोर्ड में प्रवेश लिया वहीं पर उनकी मुलाकात अक्सर फिरोज (Firoz) से होती रहती थी। और दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई अंत:
उन्होंने 1942 में आनंद भवन इलाहाबाद में शादी कर ली। इंदिरा तथा फिरोज को गांधी उपनाम मोहनदास करमचंद गांधी से मिला
फिर भी मोहनदास करमचंद गांधी का कोई भी खून का रिश्ता या फिर कोई अन्य रिश्ता मोतीलाल नेहरू या जवाहरलाल नेहरू से नहीं था।
इंदिरा गाँधी का असली नाम Real name of Indira Gandhi
इंदिरा गाँधी का असली नाम इंदिरा प्रियदर्शनी नेहरू था, जबकि घर में उन्हें सब लोग इंदु के नाम से बुलाते थे। जब नेहरू परिवार को इंदिरा और फिरोज के प्रेम के बारे में पता चला तो नेहरू परिवार ने इंदिरा को बहुत डांटा।
किंतु इंदिरा गांधी नहीं मानी और फिरोज से विवाह करना चाहती थी। किंतु यह नेहरू परिवार को स्वीकार नहीं था क्योंकि दो अलग धर्मों के संबंधों से उनके राजनीतिक कैरियर में खलबली मच सकती थी।
फिरोज खान मूल रूप से गुजरती थे, उनके पिता का नाम जहांगीर मरीन जो इंजीनियर (Engineer) थे, तथा माता का नाम रतिबाई था।
इसप्रकार फिरोज का असली नाम फिरोज जँहागीर खान था। उन्हें गाँधी सरनेम महात्मा गाँधी से प्राप्त हुआ और इंदिरा गाँधी तथा फिरोज गाँधी का विवाह हुआ।
इंदिरा गांधी की शिक्षा Education of Indira Gandhi
इंदिरा गांधी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने शहर में ही पूरी की थी। इसके बाद पुणे विश्व विद्यालय से मैट्रिक (Matriculation) पास करने के बाद उन्होंने
रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा स्थापित विश्व भारती विश्वविद्यालय (Visva Bharati University) में प्रवेश लिया, तथा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वह लंदन चली गई।
जहाँ पर उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा दी किंतु असफल हुई, कुछ समय बाद फिर से तैयारी करने के पश्चात वह ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की
प्रवेश परीक्षा में सफल हो गई और उन्होंने सोमरविले ऑक्सफोर्ड कॉलेज (Somerville Oxford College) में प्रवेश मिला। यहीं पर उनकी मुलाकात फिरोज गांधी से हुई थी। उस समय फिरोज गांधी लंदन ऑफ स्कूल इकोनॉमिक्स में अध्ययन कर रहे थे।
इंदिरा गाँधी का राजनीतिक कैरियर Political Career of Indira Gandhi
इंदिरा गांधी का राजनीति में आना कोई आश्चर्यजनक नहीं था। क्योंकि इंदिरा गांधी के पिता जवाहरलाल नेहरू और स्वयं दादा मोतीलाल नेहरू दोनों राजनीति (Politics) से जुड़े हुए थे।
इंदिरा गांधी का राजनीतिक कैरियर 1950-51 में अपने पिता प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के निजी सहायक के रूप में शुरू हुआ।
जब 1951 के आम चुनाव हुए तब इंदिरा गांधी ने अपने पति फिरोज गांधी जो रायबरेली से चुनाव लड़ रहे थे और अपने पिता पंडित जवाहरलाल नेहरू दोनों के लिए प्रचार प्रसार किया।
रायबरेली से चुनाव जीतकर फिरोज गांधी ने राष्ट्रीयकृत बीमा उद्योग के घोटाले का पर्दाफाश किया और भारत की जनता के लिए एक अद्भुत छवि उत्पन्न कर दी।
बीमा उद्योग कंपनी घोटाले (Insurance Industry Company Scams) का पर्दाफाश होने के कारण पंडित जवाहरलाल नेहरू के करीबी वित्त मंत्री (Finence Minister) को इस्तीफा भी देना पड़ा। 1958 में एक उपचुनाव के दौरान फिरोज गांधी को दिल का दौरा होने से मृत्यु हो गई।
कांग्रेस की अध्यक्ष के रूप में As a president of Congress
1959 में इंदिरा गांधी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress) का अध्यक्ष चुना गया। अपने अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने अपने कर्तव्य और उत्तरदायित्व का पूर्ण रूप से निर्वहन किया।
जब 27 मई 1964 को पंडित जवाहरलाल नेहरू का देहांत हो गया। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के मार्गदर्शन और कहने पर इंदिरा गांधी चुनाव के लिए तैयार हो गई है,
और वह चुनाव में विजयी हुई तथा भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल में सूचना प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) उन्हें दे दिया गया।
प्रधानमंत्री के रूप में As a prime minister
जब लाल बहादुर शास्त्री का देहांत ताशकंद में 11 जनवरी 1966 में हो गया था। तब प्रधानमंत्री के अंतरिम चुनावों में इंदिरा गांधी को भारी बहुमत से विजई बनाया गया और
इंदिरा गांधी भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री बनी। उस समय कांग्रेस का विभाजन हो गया था। कांग्रेस की एक गुट की नेता की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जो समाजवादी गुट था,
वही दूसरे गुट के नेता थे, मोरारजी देसाई जो रूढ़िवादी गुट था। इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री के कार्यकाल में बहुत महत्वपूर्ण कार्य किए थे।
उन्होंने 1969 में बैंकों का राष्ट्रीयकरण (Nationalization of banks) किया। तथा देश को खाद आपूर्ति की समस्या से उबारने के लिए हरित क्रांति के द्वारा गेहूं, चावल, दूध की उपज को कई गुना बढ़ा दिया।
नई किस्मों के बीज कीटनाशक दवाओं तथा कृषि संस्थानों के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने 1974 ईस्वी में भारतीय परमाणु कार्यक्रम के द्वारा भारत को परमाणु हथियार संपन्न देश की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया।
इंदिरा गांधी के कार्यकाल में 1974 में पोखरण राजस्थान में परमाणु परीक्षण (Nuclear test) कराया गया जिसका नाम स्माइलिंग बुद्धा (Smiling buddha) था।
दूसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में As our second prime minister
इंदिरा गांधी ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के मध्य चल रहे आंतरिक संघर्ष का लाभ उठाते हुए चुनाव में अपने मजबूत कदम बनाए।
इसलिए भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें गिरफ्तार करवाने की कोशिश भी की थी। किंतु 1980 के चुनाव में इंदिरा गांधी फिर से भारी बहुमत से चुनाव जीती और दूसरी बार प्रधानमंत्री के लिए चुनी गई।
इंदिरा गांधी के कार्य work of Indira Gandhi
इंदिरा गांधी ने अपने राजनीतिक जीवन के साथ कई महत्वपूर्ण कार्य किए वह एक साहसी महिला थी। उन्होंने शुरुआती जीवन में ही वानर सेना संगठन बनाकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन (Indian independence movement) में भाग लिया
तथा अंग्रेजों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (Protest) करने के साथ ही भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अपने राजनैतिक कैरियर में उन्होंने कांग्रेस के अध्यक्ष (President) के रूप में अपनी अतुलनीय भूमिका निभाकर कांग्रेस को एकजुट करने का प्रयास किया।
तथा प्रधानमंत्री के कार्यकाल में उन्होंने बैंकों का राष्ट्रीयकरण हरित क्रांति का समर्थन तथा भारत पाकिस्तान युद्ध में अपनी प्रमुख भूमिका निभाई और भारत को विजयी प्राप्त हुई।
उन्होंने बांग्लादेश के शरणार्थियों को अपने देश में जगह दी तथा बांग्लादेश का एक नए देश के रूप में उदय हुआ। इंदिरा गांधी के कार्यकाल में ही 1974 में आपातकाल (Emergency) लगाया गया
क्योंकि उस समय इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने आदेश दिया था कि इंदिरा गांधी ने पिछले चुनाव में अवैध तरीकों का उपयोग किया था।
इस कारण से देश की जनता तथा कई राजनीतिक पार्टियाँ उनके खिलाफ हो गई और इंदिरा गांधी को राष्ट्रीय आपातकाल लगाना पड़ा।
इंदिरा गांधी की मृत्यु Death of Indira Gandhi
इंदिरा गांधी की मृत्यु उस वक्त हुई जब वे एक साक्षात्कार (Interview) के दौरान एक छोटे से गेट से निकल रही थी। जहाँ पर दो सिख गार्ड सतवंत और बेअंत सिंह खड़े हुए थे।
दोनों ने अपने सेवा हथियारों (Service weapons) के द्वारा 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या कर दी। बेअंत सिंह ने अपने बगल वाले हथियार से तीन गोलियाँ
जबकि सतवंत सिंह ने 22 गोलियाँ उनके शरीर पर दाग दी। इंदिरा गांधी की मृत्यु के बाद अमृतसर में नरसंहार हुआ। इंदिरा गांधी को तुरंत सरकारी अस्पताल (Govt Hospital) में पहुंचाया गया जहाँ डॉक्टर ने उनकी मृत्यु की पुष्टि कर दी।
इंदिरा गांधी पर 10 लाइन 10 line on Indira Gandhi
- इंदिरा गांधी भारत देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थी, जिनका जन्म नेहरू परिवार में हुआ था।
- इंदिरा गांधी का विवाह फिरोज खान से हुआ था उन्हें गांधी उपनाम फिरोज खान से शादी करने के बाद प्राप्त हुआ।
- इंदिरा गांधी जवाहरलाल नेहरू तथा कमला नेहरू की इकलौती पुत्री थी।
- इंदिरा गांधी ने अपना एक संगठन वानर सेना के नाम से बनाया था।
- इंदिरा गांधी के 2 पुत्र हुए जिनका नाम राजीव गांधी और संजय गांधी था।
- इंदिरा गांधी ने भारत पाकिस्तान युद्ध 1971 तथा बांग्लादेश के उदय में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- इंदिरा गांधी ने ही सबसे पहले हरित क्रांति को प्रोत्साहन तथा खाद उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- इंदिरा गांधी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षा के रूप में भी चुनी गई।
- इंदिरा गांधी के नेतृत्व में ही स्वर्ण मंदिर में आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया गया था।
- उनके शासनकाल में ही आपातकाल की घोषणा 1974 में की गई थी।
दोस्तों इस लेख में आपने इंदिरा गांधी के बारे में इंदिरा गांधी पर निबंध (Essay on Indira Gandhi) पड़ा आशा करता हूं या लेख आपको अच्छा लगा होगा।
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