फसल पर निबंध Essay on crop in hindi
फसल पर निबंध Essay on crop in hindi
हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख फसल पर निबंध (Essay on crop in hindi) में। दोस्तों इस लेख द्वारा आज आप फसल क्या है? फसल के प्रकार के साथ
अन्य महत्वपूर्ण तथ्य पड़ेंगे तथा यहाँ से आप फसल पर निबंध लिखने का आईडिया भी ले सकते है। तो आइये शुरू करते है, यह लेख फसल पर निबंध:-
इसे भी पढ़े :- जल ही जीवन है पर निबंध
फसल क्या है what is crops
मनुष्य अपने भोजन (food) की जरूरत को पूरा करने के लिए एक योजना के अनुसार पेड़ पौधों का निर्माण करता है उसे फसल (Crop) कहते हैं, हालांकि हम सभी जानते हैं कि धरती पर जीने वाले सभी जीवित प्राणियों के लिए भोजन की आवश्यकता होती है
और हम इसे इस तरीके से भी जान सकते हैं कि मनुष्य अपने लाभ के लिए जिन पेड़ पौधों को उगाता है और ग्राहकों की आवश्यकता को पूरा करता है उन्हें फसल कहते हैं पुराने समय से ही मनुष्य भोजन के लिए प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से फसल के उत्पादन पर ही निर्भर रहा है। शुरुआत में लोगों ने अपने अनुभव के आधार पर स्वयं उगी हुई वनस्पतियों एवं पेड़ पौधों से भोजन प्राप्त करता था, फिर बाद में वह फसल उगाना सीख गया।
फसलों के प्रकार Classification of crops
भारत एक कृषि प्रधान देश है. भारत में कई प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं, जम्मू कश्मीर से कन्याकुमारी तक फसलों के कई प्रकार पाए जाते हैं। हमारे देश में लगभग हजारों प्रकार की फसलों की खेती होती है, जैसे कि हम जानते हैं, कि भारत में मौसम के आधार पर तीन प्रकार की खेती की जाती हैं, जो इस प्रकार हैं:-
खरीफ फसल (kharif crops)
खरीफ की फसल मानसून के मौसम मतलब जून और जुलाई के महीने में उगाई जाती है और इन फसलों को वर्षा ऋतु की फसलों के नाम से भी जाना जाता है। इस फसल को उगाने के लिए बुवाई के समय हवा में नमी के साथ-साथ सामान्य तापमान की जरूरत होती है,
जबकि किसी भी फसल को अच्छी तरह से पकने के लिए अधिक धूप की जरूरत होती है। वर्षा ऋतु के मौसम में उगाई जाने वाली फसलें जैसे धान, मक्का, बाजरा, मूंगफली, उड़द, मूंग झूठ सरसों आदि फसलें खरीफ में शामिल है।
रवि फसल (Ravi crops)
रवि की फसल मुख्य रूप से सर्दियों के मौसम में अर्थात अक्टूबर-नवंबर में उगाई जाती है। रवि की फसल को उगाने के लिए कम धूप और कम पानी की आवश्यकता होती है, जबकि फसलों को पकने के लिए अधिक गर्मी और प्रकाश की जरूरत होती है।
वैसे देखा जाए तो मुख्य रूप से रवि की फसलों को अक्टूबर के महीने के बाद ही बोया जाता है। रवि की फसल को शीत ऋतु के नाम से भी जाना जाता है कियोकि यह शीत ऋतु की फसल है जैसे मसूर , सरसों ,मटर, चना ,जो ,आलू, गेहूं ,तमाखू, गन्ना ,चुकंदर आदि रवि फसल है।
जायद फसल Zaid crops
खरीफ की फसल के बीच में बचने वाले समय के दौरान जिन फसलों का उत्पादन किया जाता है, उन्हें जायद की फसलें कहते हैं और इस मौसम में बोई जाने वाली फसल को पकने में ही कम समय लगता है।
इन फसलों का उत्पादन मुख्य रूप से मार्च से जून के महीने के बीच में ही किया जाता है और इन मौसम में यह फसलें उगाई जाती है, जैसे ककड़ी ,खीरा,तरबूज, तरोई, खरबूजा,और टमाटर जैसी आदी फैसले सामिल है।
अच्छी फसल कैसे प्राप्त करें How to get good crops
अच्छी स्वास्थ्यवर्धक फसल की वृद्धि के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है मिट्टी की नमी को बनाए रखना इसलिए खेत में नियमित रूप से जल देना आवश्यक है।
निश्चित अंतराल में पानी देना चाहिए जो सिंचाई कहलाता है। सिंचाई का समय मिट्टी एवं ऋतु में भिन्न - भिन्न होता है. गर्मी में पानी देने की बारंबारता अपेक्षाकृत अधिक होती है सभी पोधो को बढ़ने के लिए मिट्टी पानी हवा और प्रकाश धूप की जरूरत होती है।
यह मिट्टी को स्थिरता देता है, पानी और पोषक तत्वों को भी संगठित करता है, जिसे पौधे अपनी जड़ों से ग्रहण कर सकते हैं। एक अच्छी फसल उगाने के लिए मिट्टी परीक्षण भी कराते हैं, जिससे यह पता चलता है, कि उनके खेतों में किन पोषक तत्वों की कमी हो सकती है और अच्छी फसल के लिए यह सब जरूरी होता है।
यह सब फसल के मुख्य तत्व होते हैं जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, कैलशियम, मैग्निशियम, गंधक, क्लोरीन और अच्छी फसल के लिए हमें स्वस्थ बीजों का उपयोग भी करना चाहिए,
जबकि कृषि दर्शन तथा विभिन्न एप्प के माध्यम से भी अच्छी फसल प्राप्त करने की जानकारी किसान भाइयों को दी जाती है, जहाँ बुवाई से लेकर कटाई तक सभी जानकारियाँ होती है, इन सभी स्टेप्स को फॉलो करके आप निश्चित ही अच्छी फसल प्राप्त कर सकेंगे।
फसलों को होने वाले नुकसान Damage to crops
अगर अच्छी भली फसल किन्ही भी कारणों से ख़राब हो जाये उपयोग लायक ना रहे तो कहते है फसल का नुकसान हो गया है और यह अजैविक तनाव जैसे सूखा (Drought) लवणता और अत्यधिक तापमान दुनियाभर में फसल विनाश के प्रमुख कारण अजैविक तनाव पौधों में आम प्रतिक्रियाओं को ट्रिगर करते हैं
और फसल को बहुत से नुकसान होते हैं, कि उन्हें टाइम पर पानी नही दो तो यह पौधे सूख जाते हैं। जब तक फसल गोड के लिए हर ना लगाओ तो फसल बहुत घनी होती है जिसे पौधे के टूटने का नुकसान होता है और हम जब फसल में दवाई ना दें तो उसमें कीड़ा उत्पन्न होते हैं और वही कीड़े फसल को खा जाते हैं,
जिससे हमारी फसल सही नहीं होती और वह पीली पीली दिखने लगती है जिससे फसल को बहुत नुकसान होता है और फसल उपजाऊ भी नहीं हो पाती है। अगर फसल में खाद ना दिया तो भी फसल को नुकसान होगा, क्योंकि खाद से ही पौधा बढ़ता है
कियोकि खाद में पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्व होते है, इसलिए खाद देना भी अधिक आवश्यक है। फसल को प्राकृतिक आपदाओ से भी हानि होती है वह है बिन मौसम बरसात बारिश अगर फसल के पकते समय अगर बारिश आए या ओले से तो फसल को उससे बहुत नुकसान होता है जैसे की फसल का गिरना और ओले की वजह से फसल का झड़ जाना बाद आधी तूफान आदि भी फसल नुकसान के कारण होते है।
फसलों का महत्व Importance of crops
जीवन में सभी फसलों का बहुत महत्व होता है, किन्तु मनुष्य के लिए फसलों में अनाज सबसे महत्वपूर्ण फसल है, जिससे अनाज का प्रयोग करके मनुष्य अपना पेट भरते हैं। हम सब इस अनाज को खाकर ही जीवित रहते हैं, हमारे देश में जितनी मात्रा में फसल बोई जाती है
उनमें से 90% फसलें मनुष्य के लिए अत्यधिक उपयोगी होती हैं और फसल का उत्पादन एक देश की विशाल आबादी के समर्थन करता है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार प्राप्त होता है, भारत देश औषधि से लेकर अनाज की तक कई फसलों का उत्पादन करता है।
इन चीजों का उपयोग मानव उपयोग से लेकर उद्योगों में पशुओं के उपचार के लिए कई तरह के उद्देश्यों के लिए किया जाता है। एक बड़ी जनसंख्या के लिए भोजन प्रदान करने के लिए इसका नियमित उत्पादन उचित वितरण आवश्यक है।
मानव जीवन में लोगों का उपचार के लिए औषधि पौधों के उपयोग का इतिहास सदियों पुराना चला आ रहा है। उस समय वनस्पतियों के गुणों की चर्चा गुरु शिष्य परंपरा पर आधारित होती थी। हमारे वेदों से लेकर रामायण कथा महाभारत तक तत्कालीन लेखों में औषधीय पौधों के तत्वों तथा उनके उपयोग अलग-अलग लोगों के लिए करने की विधियां अंकित है।
दोस्तों आपने यहाँ पर फसल पर निबंध (Essay on crop in hindi) पढ़ा। आशा करता हुँ आपको यह लेख पसंद आया होगा।
लेखक :- Shivani Gour (Msc. B.ed)
इसे भी पढ़े:-
- मेरे देश भारत पर निबंध Essay on india my country
- विधार्थी जीवन पर निबंध Essay on student life
- मेरे स्कूल पर निबंध Essay on My school
- जीवन में पुस्तकों के महत्व पर निबंध Essay on importence of books in life
- मंहगाई की समस्या और समाधान पर निबंध Essay on inflation
- भारतीय सैनिक पर निबंध Essay on indian soldior
- रक्षाबंधन पर निबंध Essay on rakshabandhan


Comments
Post a Comment