सिंधु नदी पर निबंध | Essay on the river indus in hindi
crossorigin="anonymous">
style="display:block"
data-ad-client="ca-pub-4937722633288941"
data-ad-slot="2002994618"
data-ad-format="auto">
सिंधु नदी पर निबंध Essay on the river indus
हैलो दोस्तों आपका इस लेख सिंधु नदी पर निबंध (Essay on Indus River) में बहुत-बहुत स्वागत है। इस लेख में आप सिंधु नदी कहाँ से निकलती है तथा किस -किस देश में बहती है के साथ सिंधु जल समझौता को भी जान पाएँगे।
दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते है कि भारत देश नदियों का देश है भारत में कई पवित्र नदियाँ है जिनमें स्नान करने मात्र से ही मनुष्य के पाप धुल जाते है.
भारत ही एक ऐसा देश है, जहाँ नदियों को माता कहके बुलाया जाता है. और उनकी पूजा की जाती है, तो दोस्तों आइये जानते सिंधु नदी पर निबंध
सिंधु नदी का परिचय Introduction of indus river |
दोस्तों हमारा देश भारत एशिया मे स्थित है। एशिया मे कई बड़ी तथा मीठे पानी की नदियाँ है। इनमें से एक लंबी नदियो मे एक नाम सिंधु नदी भी आता है।
जो तिब्बत में मानसरोहर झील के पास से निकलती है। तथा तिब्बत से पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ती हुई बहती है।
सिंधु नदी भारत मे लद्दाख से प्रवेश करती है तथा भारत के जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा पंजाब को सींचती हुई आगे बड़ जाती है।
सिंधु नदी तिब्बत के पठारो से निकलती है, जो भारत मे प्रवेश करके पहाड़ी इलाको के कारण बहुत तेजी से बहती है।
सिंधु नदी भारत से निकलकर पाकिस्तान मे प्रवेश करती है, तथा पाकिस्तान से होते हुये बलिस्तान में प्रवेश कर गिलगित में बहती है।
सिंधु नदी मे विभिन्न स्थानों से निकलने वाली छोटी बड़ी नदियाँ जैसे :- सतलज, व्यास, राबी तथा चेनाव आदि नदियाँ भी मिल जाती है।
यह सभी नदियाँ सिंधु नदी मे मिठानकोठ स्थान पर मिलती है। इसके बाद नदियाँ संगम कर पूर्व की तरह कारांची से होकर अरब सागर मे मिल जाती है।
सिंधु द्रोणी (सिंधु नदी का क्षेत्र ) का 1/3 (एक तिहाई)भाग भारत मे है। पंजाब हिमाचल तथा जम्मू कश्मीर में है।
और बचा हुआ भाग पाकिस्तान और तिब्बत मे है। सिंधु नदी कि लम्बाई तिब्बत से अरब सागर तक 2900 किलोमीटर है, जो अधिकतर पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरती है।
सिंधु जल संधि 1960 Indus Water Treaty 1960
हमारे देश का दो भांगो में विभाजित है। जिसमे एक भारत तथा दूसरा पाकिस्तान है । सिंधु के जल का बंटवारा भारत सरकार के लिए ये एक विवाद बना गया था।
जिस पर भारत सरकार ने कई वर्षों तक विचार-विमर्श किये जिसके बाद सरकार ने एक फैसला किया जिसमें विश्व बैंक (तत्कालीन 'पुनर्निर्माण और विकास हेतु अंतरराष्ट्रीय बैंक') ने मध्यस्थता की
और सिंधु जल संधि 19 सितंबर,1960 को भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान की उपस्थिति में हुई
तथा हस्ताक्षर किए इस सन्धि में निर्णय लिया कि पूर्वी नदियों रावी, ब्यास तथा सतलुज के जल का प्रयोग का अधिकार भारत का होगा। जो कि 20%है।
और पश्चिमी नदियो जैसे इंडस, झेलम तथा चिनाव के जल का उपयोग पाकिस्तान कर सकता है, जो कि 80%है।
1960 के इस सिंधु जल समझौते के अनुरूप इस नदी के जल का 80% उपयोग पाकिस्तान करता है
तथा शेष 20% भारत करता है। पाकिस्तान के लगभग 90% लोग सिंधु नदी से ही पानी पीते है, खेती में सिंचाई उद्योगो आदि को पानी सिंधु नदी से मिलता है।
सिंधु नदी की सहायक नदियाँ Tributaries of Indus River
सिंधु नदी की कई सहायक नदियाँ है, कियोकि सिंधु नदी एक विशाल नदी तंत्र है।
जिसमें प्रमुख नदियाँ ब्यास नदी,चिनाब नदी,गार कुर्रम नदी,पानजनाद सुरू नदी,सतलुज नदी, नदी,रावी नदी,गिलगित नदी गोमल नदी,झेलम नदी,सून नदी, स्वात नदी,नदी
काबुल नदी,कुनार नदी
तथा झॉब नदी इसकी सहायक नदियाँ है।
जिसमे सबसे प्रमुख नदियाँ जास्पर, श्योक, नबरा तथा हुंजा है।
इस नदी की कुल लंबाई 3180 किलोमीटर है। ये पाकिस्तान में बहने वाली सबसे बड़ी नदी है। इसका उदगम तिब्बती क्षेत्र के हिमालय के कैलाश रेंज से हुआ है।
पाकिस्तान की अधिकांश जनता को जल सिंधु नदी से मिलता है। सिंधु नदी दुनियाँ की 21 सबसे बड़ी नदियों में से एक है।
दोस्तों आपने इस लेख में सिंधु नदी पर निबंध (Essay on Indus River) पड़ा। आपको यह लेख पसंद आया हो तो शेयर जरूर करें।
इसे भी पढ़े:-
Comments
Post a Comment