माँ लक्ष्मी के 108 नाम तथा अर्थ Maa lakshmi ke 108 names and meaning







माँ लक्ष्मी के 108 नाम तथा अर्थ 108 Names of Maa Lakshmi and Meaning 

हैलो दोस्तों आपका इस लेख माँ लक्ष्मी के 108 नाम तथा अर्थ में बहुत - बहुत स्वागत है।

दोस्तों इस लेख में आप मां लक्ष्मी के 108 नाम अर्थ सहित जानेंगे। जिनको लेने मात्र से ही घर से दरिद्रता ख़त्म हो जाती है।

कियोकि माँ लक्ष्मी धन की देवी है। तो दोस्तों शुरू करते है, यह लेख जिसमे आप माँ लक्ष्मी की आरती तथा माँ लक्ष्मी के 108 नाम अर्थ सहित जान पायेंगे।

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माँ लक्ष्मी के 108 नाम


माँ लक्ष्मी के 108 नाम Maa lakshmi ke 108 Names 

हिन्दू धर्म में माँ लक्ष्मी को धन सम्पदा की देवी कहा गया है, जो स्वयं भगवान विष्णु की पत्नी है।

मां लक्ष्मी के 108 नामों को प्रतिदिन जपने से धन लाभ होता है, तथा व्यक्ति कई दुखों को परास्त कर देता है।

माँ लक्ष्मी की जिन भक्तों पर कृपा होती है ऐसे लोग खुशी से जीवन व्यतीत करते हैं. और उनके जीवन में कभी कोई दुख नहीं रहता।

मां लक्ष्मी के 108 नामों को जपने धन सम्पदा प्राप्त होती है, और सभी कष्ट मिट जाते है। माँ लक्ष्मी धन, वैभव और यश की देवी हैं,

वे जिस मेहरबान हो जाती है उस पर धनवर्षा हो जाती है। माँ लक्ष्मी की जिन लोगों पर कृपा होती है वे खुशहाल जीवन जीते हैं.

उनके जीवन में कोई दुख नहीं रहता है। समाज में भी ऐसे लोगों को सम्मान के पात्र होते है।

मां लक्ष्मी कमल पर विराजती है, जबकि माँ लक्ष्मी अपनी खुली हथेलियों से सदा धनवर्षा करती रहती है.

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सभी लोग पूजा अर्चना करते व्रत रखते हैं.

आज हम आपको बता रहे हैं मां लक्ष्मी के 108 नाम जिनका रोज जप करने से  निश्चय ही अपार धन संपदा प्राप्त होंगी और जीवन के सभी दुख - दर्द खत्म हो जाते है.

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माँ लक्ष्मी के 108 नाम Maa lakshmi ke 108 Names 

1. प्रकृति- प्रकृति

2. विकृति- दो रूपी प्रकृति माँ 

3. विद्या- बुद्धिमत्ता देवी 

4. सर्वभूतहितप्रदा- ऐसा व्यक्ति जो संसार के सारे सुख दे सके

5. श्रद्धा- वह माँ जिसकी पूजा होती है

6. विभूति- धन की देवी माँ 

7. सुरभि- सुगंधा देवी 

8. परमात्मिका- सर्वव्यापी देवी

9. वाची- अमृतमयी वाणी

10. पद्मालया- वह माँ जो कमल पर रहती हैं

11. पद्मा- कमला देवी 

12. शुचि- पवित्रता की देवी

13. स्वाहा- शुभ देवी 

14. स्वधा- वह देवी जो अशुभता को दूर करे

15. सुधा- अमृत की देवी

16. धन्या- समृद्धि की देवी

17. हिरण्मयी- वह देवी जो स्वर्ण के समान है

18. लक्ष्मी- धन और समृद्धि की देवी

19. नित्यपुष्ट- वह देवी जिनसे नित्य शक्ति मिलती है

20. विभा- वह देवी जिनका चेहरा दीप्तिमान है

21. अदिति- वह देवी जिनकी चमक सूर्य की तरह है

22. दीत्य- वह देवी जो प्रार्थना का जवाब देती हैं

23. दीप्ता- लौ की तरह जगमगाने वाली देवी 

24. वसुधा- पृथ्वी की देवी

25. वसुधारिणी- पृथ्वी की रक्षक देवी 

26. कमला- कमलगंधा देवी 

27. कांता- भगवान विष्णु की पत्नी

28. कामाक्षी- आकर्षक आंखों वाली देवी

29. कमलसम्भवा- वह देवी जो कमल में उपस्थित होती है

30. अनुग्रहप्रदा- वह देवी जो शुभकामनाओं का आशीर्वाद देती है

31. बुद्धि- बुद्धि की देवी

32. अनघा- निष्पाप या शुद्ध देवी 

33. हरिवल्लभी-भगवान विष्णु की पत्नी

34. अशोका- दुख को दूर करने वाली देवी 

35. अमृता- अमृत की देवी

36. दीपा- प्रकाशमयी देवी 

37. लोकशोकविनाशिनी-सांसारिक संकटों का नाश करने वाली देवी 

38. धर्मनिलया- धर्मरक्षिणी देवी 

39. करुणा- ममता की मूर्ति देवी 

40. लोकमात्रिका- जन-जन की देवी

41. पद्मप्रिया- वह देवी जिन्हें कमल प्रिय है

42. पद्महस्ता- जिनके हाथ में कमल हैं और जिनके हाथ कमल की तरह हैं

43. पद्माक्ष्य- वह देवी जिनकी आंखें कमल के समान है

44. पद्मसुन्दरी- कमल के समान सुंदर देवी 

45. पद्मोद्भवा- कमल से उत्पन्न होने वाली देवी माँ 

46. पद्ममुखी- कमल के सदृश मुख वाली देवी 

47. पद्मनाभप्रिया- पद्मनाभ(भगवान विष्णु) की प्रेमिका

48. रमा- भगवान विष्णु के साथ रमण करने वाली देवी 

49. पद्ममालाधरा- कमल की माला पहनने वाली देवी 

50. देवी- देवी 

51. पद्मिनी- कमल की तरह देवी 

52. पद्मसुगन्धिनी- कमल की तरह सुगंध वाली देवी 

53. पुण्यगन्धा- दिव्य सुगंधित देवी

54. सुप्रसन्ना- अनुकंपा करने वाली, सदा प्रसन्न चित्त रहने वाली देवी 

55. प्रसादाभिमुखी- वरदान और इच्छाओं को अनुदान देने वाली देवी 

56. प्रभा- देवी जिनका आभामंडल दिव्य और चमकदार हो

57. चंद्रवंदना- वह देवी जिनकी दीप्ति चंद्र के समान हो

58. चंदा- चन्द्र की तरह शांत देवी 

59. चन्द्रसहोदरी- वह जो चंद्रमा की बहन है 

60. चतुर्भुजा- चार भुजाओं वाली देवी 

61. चन्द्ररूपा- चंद्रमा के समान रूप वाली देवी 

62. इंदिरा- सूर्य की तरह चमक वाली देवी 

63. इन्दुशीतला-चांद की तरह शीतल देवी 

64. अह्लादजननी- प्रसन्नता देने वाली देवी 

65. पुष्टि- स्वास्थ्य की देवी

66. शिवा- शुभ देवी

67. शिवाकारी- वह जो शुभ का अवतार है.

68. सत्या- सच्चाई की देवी 

69. विमला- वह जो शुद्ध है 

70. विश्वजननी- समस्त ब्रह्माण्ड की देवी

71. तुष्टी- तुरंत प्रसन्न होने वाली देवी 

72. दारिद्र्यनाशिनी- दरिद्रता दूर करने वाली देवी 

73. प्रीता पुष्करिण- वह देवी जिनकी आंखें सुखदायक हैं

74. शांता- शांतिपूर्ण देवी

75. शुक्लांबरा- श्वेत वस्त्र धारण करने वाली देवी 

76. भास्करी- सूर्य के समान तेजस्वी देवी 

77. बिल्वनिलया- बिल्व वृक्ष में निवास करने वाली देवी 

78. वरारोहा- हर वरदान पूर्ण करने वाली देवी 

79. यशस्विनी- यश, सुख, प्रसिद्धि और भाग्य की देवी

80. वसुंधरा- वह जो धरती माता की बेटी है 

81. उदरंगा- जिनकी देह सुंदर है

82. हरिनी- वह देवी जो हिरण की तरह चंचला है

83. हेमामालिनी- स्वर्ण का हार धारण करने वाली देवी 

84. धनधान्यकी- स्वास्थ्य प्रदान करने वाली देवी 

85. सिद्धि- वह जो रक्षक है 

86. सौम्या- कोमल और आकर्षक देवी 

87. शुभप्रभा- वह देवी जो शुभता प्रदान करे

88. नृपवेशवगाथानंदा- वह देवी जो महलों में रहती है

89. वरलक्ष्मी- समृद्धि की दाता देवी 

90. वसुप्रदा- धन को प्रदान करने वाली देवी 

91. शुभा- शुभ देवी

92. हिरण्यप्रका- स्वर्ण प्रिया देवी 

93. समुद्रतनया- समुद्र की बेटी

94. जया- विजय की देवी

95. मंगला- मंगल करने वाली देवी 

96. देवी- देवता या देवी

97. विष्णुवक्षा- भगवान विष्णु के सान्निध्य में रहने वाली, उनके ह्रदय में निवास करने वाली देवी 

98. विष्णुपत्नी- भगवान विष्णु की पत्नी

99. प्रसन्नाक्षी- खूबसूरत आंखों वाली देवी 

100. नारायण समाश्रिता- नारायण के साथ रहने वाली देवी 

101. दारिद्र्य ध्वंसिनी- गरीबी समाप्त करने वाली देवी 

102. लक्ष्मी- देवी

103. सर्वोपद्रवनिवारिणी- हर उपद्रव और संकट का निवारण करने वाली

104. नवदुर्गा- नौ दुर्गा के सभी रूप

105. महाकाली- काली देवी

106. ब्रह्मा-विष्णु-शिवात्मिका- ब्रह्मा, विष्णु, शिव की आराध्या

107. त्रिकालज्ञानसम्पन्ना- जिन्हें तीनों कालों की जानकारी हो

108. भुवनेश्वरींड की स्वामिनी

माँ लक्ष्मी जी की आरती Maa lakshmi ki Aarti 

माँ लक्ष्मी जी की आरती करने से माँ लक्ष्मी बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाती है, दिवाली पर माँ लक्ष्मी की प्रत्येक घर में पूजा होती है

और माँ का आगमन होने पर लोगों का भाग्य बदल जाता है। इसलिए दिवाली पर प्रथम पूज्य गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

पूजा के बाद माँ लक्ष्मी की आरती उतारी जाती है, क्योंकि जब मां लक्ष्मी घर में प्रवेश हैं तो लोगों की किस्मत ही बदल जाती है।

किन्तु हमें कम से कम सप्ताह में एक दिन माँ लक्ष्मी की पूजा और आरती करनी चाहिए जिससे आप हमेशा धनवान रहेंगे तो आइए आप भी मां लक्ष्मी की आरती करिये।

ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।

तुमको निशदिन सेवत, मैया जी को निशदिन, सेवत

हरि विष्णु, विधाता।

ओम जय लक्ष्मी माता।।

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग माता।

सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद मुनि गाता।

ओम जय लक्ष्मी माता।।

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।

जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता।

ओम जय लक्ष्मी माता।।

तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।

कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता।

ओम जय लक्ष्मी माता।।

जिस घर में तुम रहती, सर्व सद्गुण आता।

सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबडाता।

ओम जय लक्ष्मी माता।।

तुम्हारे बिन यज्ञ न होवे, वस्त्र न कोई पाता।

खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता।

ओम जय लक्ष्मी माता।।

शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता।

रत्न, चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता।

ओम जय लक्ष्मी माता।।

माँ लक्ष्मी की आरती, जो कोई नर गाता।

उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता।

ओम जय लक्ष्मी माता।।

ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।

तुमको निशदिन सेवत।

मैया जी को निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता।

ओम जय लक्ष्मी माता।।

दोस्तों इस लेख में अपने माँ लक्ष्मी के 108 नाम पढ़े, आशा करता हुँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

माँ काली के 108 नाम




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