माइटोकॉन्ड्रिया क्या है कार्य what is mitochondria function
माइटोकॉन्ड्रिया क्या है कार्य what is mitochondria function
हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख माइटोकॉन्ड्रिया क्या है कार्य (what is mitochondria function) में। दोस्तों इस लेख में आप माइटोकॉन्ड्रिया क्या है?
माइटोकॉन्ड्रिया के कार्य तथा संरचना माइटोकॉन्ड्रिया का क्या काम है, के बारे में जानेंगे। तो आइए दोस्तों करते हैं आज का यह लेख शुरू माइट्रोकांड्रिया क्या है कार्य:-
- इसे भी पढ़े:- कोशिका झिल्ली किसे कहते है संरचना तथा कार्य
हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख माइटोकॉन्ड्रिया क्या है कार्य (what is mitochondria function) में। दोस्तों इस लेख में आप माइटोकॉन्ड्रिया क्या है?
माइटोकॉन्ड्रिया के कार्य तथा संरचना माइटोकॉन्ड्रिया का क्या काम है, के बारे में जानेंगे। तो आइए दोस्तों करते हैं आज का यह लेख शुरू माइट्रोकांड्रिया क्या है कार्य:-
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माइटोकॉन्ड्रिया क्या है What is mitochondria
माइटोकॉन्ड्रिया सभी जीवित कोशिकाओं (Living Cells) के कोशिकाद्रव्य में बिखरी हुई अवस्था में सूत्रो, छड़ों तथा गोलकों के रूप में पाया जाने वाला एक विशेष प्रकार की संरचना होती है,
जो कोशिका का पावर हाउस (Power house of Cell) के नाम से जानी जाती है, क्योंकि माइटोकॉन्ड्रिया के अंदर रेस्पिरेशन (Respiration) का कार्य होता है,
इसके पश्चात बनने वाली ऊर्जा का संचय माइट्रोकांड्रिया में रहता है। माइटोकॉन्ड्रिया को सबसे पहले अल्टमान (ultman) ने 1886 में देखा था,
किंतु इसको माइटोकॉन्ड्रिया नाम बेंडा (Benda) ने दिया। माइट्रोकांड्रिया जंतुओं की लाल रक्त कणिकाओं (Red Blood Cell) को छोड़कर सभी
कोशिकाओं में पाई जाने वाली संरचना होती है, जहाँ भोज्य पदार्थों का ऑक्सीकरण (Oxidation) होता है तथा उत्पन्न ऊर्जा (Energy) संचित रहती है।
माइटोकॉन्ड्रिया का आकृति व परिमाण Size and shape of Mitochondria
माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका में छड़ों, सूत्रों तथा गोलको के रूप में कोशिका द्रव्य में पाए जाते हैं। इनकी आकृति दीर्घ वृत्ताकार, चपटी, गोलाकार, तंतुमय, नालिकाकार अंडाकार और ताराकार भी हो सकती है।
माइटोकॉन्ड्रिया का व्यास कुछ कोशिकाओं की आकृति तथा परिमाण के कारण अलग-अलग होता है। सामान्य रूप से इनका व्यास 0.2-2.4 माइक्रोन से 0.3-4.4 माइक्रोन तक हो सकता है।
जीवित सक्रिय कोशिकाओं में इनकी संख्या अधिक होती है। एक सामान्य कोशिका में इनकी संख्या लगभग 50 से 200 तक हो सकती है।
माइटोकॉन्ड्रिया की संरचना Structure of Mitochondria
माइटोकॉन्ड्रिया के चारों ओर एक झिल्ली पाई जाती है जिसे माइटोकॉन्ड्रियल झिल्ली कहते हैं। यह झिल्ली लिपिड और प्रोटीन से निर्मित होती है,
जो कोशिका द्रव्य तथा माइटोकॉन्ड्रिया के मध्य एक दीवार का कार्य करती है। माइटोकॉन्ड्रिया की झिल्ली (Membrane) इकाई झिल्ली (Unit membrane) के आवरण से बनी होती है।
यह इकाई झिल्ली बाहरी और आंतरिक परत से निर्मित होती है, इन दोनों परतों के बीच अंतराझिल्ली स्थान होता है जिसे माइटोकांड्रियल गुहा (Mitochondrial cavity) कहा जाता है,
तथा दोनों झिल्ली की मोटाई 60 एंगस्ट्रांग तक हो सकती है। माइटोकॉन्ड्रिया की बाहरी झिल्ली चिकनी होती है, जिस पर किसी भी प्रकार के कण नहीं होते,
किंतु इसकी आंतरिक झिल्ली पर उंगली के समान संरचनाएँ होती हैं जिन्हें क्रिस्टी (Christie) कहा जाता है। इन क्रिस्टी के कारण ही भीतरी झिल्ली का धरातल काफी बढ़ जाता है।
क्रिस्टी की झिल्ली की बाहरी सतह पर टेनिस के बल्ले के समान अगुणित संख्या में संरचनाएँ चिपकी होती हैं, जिन्हें ऑक्सीसोम (Oxisome) के नाम से जाना जाता है। ऑक्सी सोम की लंबाई 150 एंगस्ट्रांग तथा वृंत की लंबाई 100 एंगस्ट्रांग के आसपास होती है।
ऑक्सीसोम में स्वशन की ऑक्सीकारक क्रियाओं के दौरान एटीपी (Adino triphosphate) का संश्लेषण होता है।
माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक सतह में एक तरल पदार्थ (Liquid Matter) भरा होता है, जिसे आधार द्रव्य या मैट्रिक्स (Matrix) कहा जाता है।
माइट्रोकांड्रिया में पाए जाने वाले रासायनिक पदार्थ Chemical substances found in mitochondria
माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में विभिन्न प्रकार के रासायनिक पदार्थ पाए जाते हैं, जिसमें लगभग 65% से 70% प्रोटीन (Protein) 25% वसा (Fat) 5% RNA के साथ ही राइबोसोम (Ribosome)
के कण भी पाए जाते हैं। इसके अधिकतर प्रोटीन (Protien) एंजाइम के रूप में होते हैं, जो रासायनिक क्रियाओं (Chemical Reaction) की गति को घटा और बड़ा सकने में संभव होते हैं।
माइटोकांड्रिया के कार्य Functions of mitochondria
- माइटोकॉन्ड्रिया में एक विशेष प्रकार की संरचना होती है, जिसको ऑक्सीसोम (Oxisome) कहा जाता है। इस ऑक्सीसोम में ही स्वशन (Respiration) की क्रिया होती है। इसमें विभिन्न प्रकार के एंजाइम्स और सह एंजाइम पाए जाते हैं।
- माइट्रोकांड्रिया में स्वसन क्रिया के फलस्वरुप ग्लूकोज का ऑक्सीकरण होता है, जिससे वह विघटित होता है तथा उर्जा उत्पन्न होती है।C6H12O6 + 6O2 ----- 6CO2 + 6H2O + Energy (ATP)
- स्वसन में उत्पन्न ऊर्जा एटीपी (ATP) में संचित रहती है, जिसको रासायनिक ऊर्जा के नाम से जाना जाता है। यह रासायनिक ऊर्जा शरीर में होने वाली विभिन्न रासायनिक क्रियाओं में खर्च होती है। एटीपी में से एक PO4 मूलक निकलकर ऊर्जा को उत्पन्न करता है और एटीपी स्वयं ADP में परिवर्तित हो जाता है और यही ADP फिर से ऊर्जा को प्राप्त करके एटीपी में बदल जाता है।ATP + PO4 + Energy ----- ATP
- माइटोकॉन्ड्रिया में ही एटीपी का संश्लेषण होता है, तथा यह विभिन्न शारीरिक क्रियाओं के लिए ऊर्जा प्रदान करता है। इसीलिए माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का पावर हाउस (Power house of cell) ऊर्जा भंडार के नाम से जाना जाता है।
दोस्तों यहाँ पर आप माइटोकॉन्ड्रिया क्या है कार्य (what is mitochondria function) संरचना आदि के बारे में पढ़ा। आशा करता हुँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।
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