सामाजिक मूल्य पर निबंध Essay on Social Value in hindi

सामाजिक मूल्य पर निबंध Essay on Social Value in hindi 

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख सामाजिक मूल्य पर निबंध (Essay on Social Value) में। दोस्तों यहाँ पर आप सामाजिक मूल्य क्या है सामाजिक मूल्य की परिभाषा,

सामाजिक मूल्य के प्रकार के साथ सामाजिक मूल्य का महत्व जानेंगे। तो आइये शुरू करते है यह लेख सामाजिक मूल्य पर निबंध:-


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सामाजिक मूल्य पर निबंध


प्रस्तावना Introduction 

समाज के वह मूल्य जो समाज के सर्वांगीण विकास तथा प्रगति के लिए आवश्यक होते है सामाजिक मूल्य कहलाते है। साधारण शब्दों में कह सकते है, कि सामाजिक मूल्य एक तरह से समाज के वह मापदंड माने जाते है, जिनपर समाज की उन्नति और

अवनाति निर्भर करती है, कियोकि सामाजिक मूल्य के द्वारा ही समाज की प्रगति और दुर्गति का निर्धारण होता है, इन्ही मूल्यो के आधार पर ही समाज में अच्छी और बुरी चीज को समझा जाता है, कियोकि सामाजिक मूल्यो से ही समाज का हर पक्ष प्रभावित होता है। 


सामाजिक मूल्य के प्रकार Type of Social value 

समाज के प्रमुख सामाजिक मूल्य निम्न प्रकार से है:- 

  • अचौर्य (चोरी ना करना) 

अचौर्य एक सामाजिक मूल्य है, जिसका मतलब चोरी ना करना होता है। चोरी करना सभी धर्मो में एक बहुत बड़ा पाप है जो वर्तमान समाज में बहुत फैला हुआ है।

चोरी को विभिन्न तरीके से परिभाषित किया जा सकता है, जैसे किसी की आज्ञा लिए बिना उसकी वस्तु को उठाना अपने पास रखना और अपनी बताना,  गलत तरीके से दूसरे लोगों का धन हड़पना लेना, दूसरों की धरोहर अपने पास रखना और

फिर देने से मुकर जाना, व्यक्ति द्वारा खुद चोरी नहीं करना और दूसरों से चोरी करवाना आदि। चोरी करने से समाज पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है

चोर के बच्चें भी चोरी सीख जाते है, और चोरी करने लगते है चोरी से चोरी करने वाला और जिसकी चोरी हुई दोनों प्रभावित होते है और दोनों समाज में रहते है इसलिए समाज भी प्रभावित होता है।

  • अघृणा (घृणा ना करना) 

वेद पुराणों तथा कई धार्मिक ग्रंथो में कहा गया है, कि पाप से घृणा करो पापी से घृणा मत करो, कियोकि पाप बुरा होता है पापी बुरा नहीं होता।

यदि हम पाप दूर करने के लिए प्रेरित हो जाएँ तो पापी स्वयं ही पापमुक्त हो जाएगा। अगर एक मनुष्य सड़क के किनारे दुर्घटना में मौत के समीप अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है और आप यदि उसे अछूत समझकर या

उसे गरीब समझकर सड़क पर मरता छोड़कर आगे बढ़ जाएंगे तो आप सत्य ही एक बड़े पापी प्राणी हैं, कियोकि मानवता की सेवा के प्रति कर्तव्यविमूड़ता का सबसे बड़ा पाप माना जाता है।

इसलिए सभी प्राणी चाहे वह किसी जाति, धर्म किसी कुल के क्यों ना हो उन्हें एक समान दृष्टि से देखना चाहिए, कियोकि उनका जीवन में समानता बराबर का अधिकार है और यह बात हमारे भारतीय संविधान में भी कही गयी है, अर्थात सभी के लिए समान नियम और कानून भी बनाए गए हैं।

  • समय पालन

अपने सभी कार्य नित्य समय पर करना समय पालन होता है जो बहुत ही उत्तम माना जाता है। समय का पालन करने वाले व्यक्ति समाज में सम्मान के योग्य होते हैं, इसलिए व्यक्तियों को नित्य समय पर उठना और हर कार्य अपने नियत समय पर करना चाहिए जिससे हमें बाद में पछताना नहीं पड़ता है,

किन्तु जो समय बर्बाद करेंगे तो समय उसे भी बर्बाद कर देगा कियोकि समय किसी का इंतजार नहीं करता है और वास्तव में यह सत्य है, इसीलिए समय का सदुपयोग करना बहुत ही अच्छा होता है।

व्यक्ति को समय का महत्व पहचान कर उसका सदुपयोग करना चाहिए जो उनको महान बनाता है। दुनिया में सभी व्यक्तियों के पास निश्चित 24 घंटे होते हैं, परंतु जो व्यक्ति उनका ठीक प्रकार से उपयोग करता है।

वह महान आदरणीय और समाज में सम्मान का पात्र होता है, जबकि बेकारी का जीवन जीने वाले लोग समाज में तुच्छ निगाहों से देखे जाते हैं और वह समाज के किसी भी काम में नहीं आते हैं।

इसीलिए सभी को समय पर कार्य करना चाहिए जब छोटे बड़े काम इकट्ठे हो जाते हैं, तो वे एक बड़ा काम बन जाते हैं। अतः छोटे कामों को कभी छोटा नहीं समझना चाहिए और उन्हें तुरंत निपटा देना चाहिए।

  • विनम्रता 

विनम्रता सामाजिक मूल्यों में एक सबसे विशिष्ट मूल्य माना जाता है, क्योंकि कहा जाता है, कि विनम्रता के अंदर ही अनेक गुणों का वास होता है।

अपनी बातों को सीधे रूप में एवं स्पष्ट करें पर उसमें अकड़ता ना हो उसे विनम्रता कहते हैं और जो व्यक्ति इस गुण को प्रदर्शित करता है उसे विनम्र व्यक्ति कहा जाता है। जैसे फलों से लदा हुआ वृक्ष

विनम्रता का सूचक होता है, जिस प्रकार से वृक्ष में फल आ जाने से वह झुक जाता है उसी प्रकार सज्जन व्यक्तियों में जब सद्गुण आ जाते हैं तो वह विनम्र व्यक्ति बन जाता है। संस्कृत में भी विनम्र व्यक्तियों के बारे में कई प्रकार से बताया गया है,

कि व्यक्ति जब नम्रता आ जाती है तब वह विनम्र बन जाता है और उसके व्यक्तित्व का समुचित विकास होता है, इसीलिए कहा भी गया है, विद्या ददाति विनयं विनयाद्याति पात्रताम्।।

  • बड़ों का आदर करना

बड़ों का आदर करना महत्वपूर्ण सामाजिक मूल्य होता है, जो समाज के सभी व्यक्तियों में होना चाहिए। समाज में हमसे बड़े कई लोग होते हैं जैसे माता-पिता बड़े भाई-बहन गुरु बूढ़े बुजुर्ग हमें इन सबका हमेशा आदर करना चाहिए, इन सबका कहना मानना चाहिए,

उनका सत्कार करना चाहिए, अगर हम ऐसा करेंगे तो उन्हें भी बड़ो का प्यार स्नेह नहीं मिलेगा इसलिए कहते है कि टिट फोर टेट (Tit for tat) अर्थात जैसे को तैसा अगर हम दूसरों को सम्मान देंगे तो हमें भी आदर सम्मान प्राप्त होगा हमें बड़ों का प्यार स्नेह भी प्राप्त होगा,

इसलिए हमें ना केवल आयु में बड़े लोगों को सदा नमस्कार  सत्कार और सम्मान और चरण स्पर्श भी करना चाहिए बल्कि छोटे बच्चों को स्नेह, देना चाहिए। महापुरुषों के शरीर में प्रभाहित ऊर्जा चक्र उनके चरणों से छूता हुआ हमारे मस्तिष्क तक पहुँचता है और हम उन्नति करते हैं।


सामाजिक मूल्यो का महत्व Importence of Social Value 

सामाजिक मूल्य समाज और समाज में रह रहे प्राणियों के विकास उन्नति तथा अवनति के लिए जिम्मेदार होते है इसलिए एक अच्छा और विकसित समृद्ध समाज स्थापित करने में सामाजिक मूल्यो का विशेष महत्व होता है।

सामाजिक मूल्य समाज के व्यक्तियों में एकता लाते है उन्हें संगठित रहना सिखाते है, ताकि समाज या समाज के व्यक्तियों पर कोई मुसीबत आती है तो उसका सामना बे डटकर एक साथ कर सकें।

सामाजिक मूल्य भौतिक संस्कृति का महत्व बढ़ाने, समाज में एकरूपता उत्पन्न करने, व्यक्ति के व्यवहार एवं प्रगति, भाईचारा, सदभावना के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

सामाजिक मूल्य सामाजिक संगठन व एकीकरण में सहायक, सामाजिक क्षमता का मूल्यांकन आदि में भूमिका निभाते है। सामाजिक मूल्यमानव आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायक तथा मनुष्यों में मानवीय मूल्यों व आदर्शों के स्रोत और व्यक्तित्व का निर्माण में सहायक होते है।


निष्कर्ष Conlusion

उपर्युक्त बिन्दुओ के आधार पर यह स्पष्ट हो जाता है, कि समाज के सामाजिक मूल्य समाज और समाज की उन्नति तथा अवनति के निर्धारक होते है, अतः अच्छे और सभ्य समाज को विकसित करने के लिए अच्छे सामाजिक मूल्यों का बड़ा ही योगदान होता है। 

दोस्तों आपने यहाँ पर सामाजिक मूल्य पर निबंध (Essay on Social Value) पड़ा। आशा करता हुँ, आपको यह लेख अच्छा लगा होगा।

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