राष्ट्रीय गीत इन हिंदी India Rashtriya Geet

राष्ट्रीय गीत इन हिंदी india rashtriya geet

हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है, इस लेख राष्ट्रीय गीत इन हिंदी (India Rashtriya Geet) में। दोस्तों यहाँ पर आप बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत हिंदी में वंदे मातरम सुजलाम सुफलाम और उसका अर्थ जानेंगे।

दोस्तों यहाँ आप बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित वंदे मातरम के सभी चरण प्रस्तुत किए गए हैं और उनका अर्थ भी बताया गया है, तो आइए दोस्तों जानते हैं अर्थ सहित बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत इन हिंदी वंदे मातरम सुजलाम सुफलाम:-

राष्ट्रीय गीत इन हिंदी

वंदे मातरम गीत कब और किसने लिखा When and who wrote the song Vande Mataram

दुनियाँ में कई सारे विद्वान है, कई महापुरुष है, जो देश की सेवा, धर्म, संस्कृति के लिए कई महान कार्य करते है। उनमें से एक है, बंकिम चंद्र चटर्जी जिन्होंने भारत देश की आजादी की लड़ाई लड़ी और भारतीयों के ह्रदय में अपने गीतों के बल पर जोश जज्बा जाग्रत कर उन्हें भारत भूमि को आजाद कराने के लिए प्रेरित किया।

वन्दे मातरम गीत की रचना बंकिम चंद्र चटर्जी ने 1882 में की थी जो बांग्ला भाषा में है और आनंदमठ में प्रकाशित हुआ है, जबकि सबसे पहले वंदे मातरम् सर्वप्रथम 1896 में गाया गया।

राष्ट्रीय गीत इन हिंदी

वन्दे मातरम सुजलाम सुफलाम का अर्थ Meaning of Vande Mataram

दोस्तों यहाँ पर वन्देमातरम का अर्थ समझाया गया है, जो निम्न प्रकार से है:-

वंदे मातरम्, वंदे मातरम्!
सुजलाम्, सुफलाम्, मलयज शीतलाम्,
शस्यश्यामलाम्, मातरम्!
वंदे मातरम्!
शुभ्रज्योत्सनाम् पुलकितयामिनीम्,
फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्,
सुहासिनीम् सुमधुर भाषिणीम्,
सुखदाम् वरदाम्, मातरम्!
वंदे मातरम्, वंदे मातरम्।।

अर्थ :- मैं आपके सामने नतमस्तक होता हूं। ओ माता,

पानी से सींची, फलों से भरी,

दक्षिण की वायु के साथ शांत,

कटाई की फसलों के साथ गहरा,

माता!

उसकी रातें चांदनी की गरिमा में प्रफुल्लित हो रही है,

उसकी जमीन खिलते फूलों वाले वृक्षों से बहुत सुंदर ढकी हुई है,

हंसी की मिठास, वाणी की मिठास,

माता, वरदान देने वाली, आनंद देने वाली।

कोटि-कोटि-कण्ठ-कल-कल-निनाद-कराले।
कोटि-कोटि-भुजैधृत-खरकरवाले।
अबला केन मा एत बले ।
बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीं
रिपुदलवारिणीं मातरम्‌ ॥
वंदे मातरम्‌ ।

अर्थ :- करोड़ों कंठ मधुर भाषा में आपकी प्रशंसा कर रहे हैं और हाथों में आपकी रक्षा के लिए धारदार तलवारे निकली हुई है, इसलिए ऐसा कौन कहता है? तुम अबला हो माँ तुम अबला नहीं तुम बल धारण करने वाली हो तुम दूसरों को तारने वाली हो तुम शत्रुओं को तारने वाली हो इसलिए हे! माँ में तुम्हे प्रणाम करता हूँ।

तुमि विद्या, तुमि धर्म
तुमि हृदि, तुमि मर्म
त्वं हि प्राणाः शरीरे
बाहुते तुमि मा शक्ति
हृदये तुमि मा भक्ति
तोमारई प्रतिमा गडि मन्दिरे-मन्दिरे मातरम्‌। 
वंदे मातरम्‌॥

अर्थ :- हे! माँ तुम्ही विद्या और धर्म हो तुम्ही ह्रदय और तत्व हो हे! माँ तुम ही ह्रदय में स्थित प्राण हो इसलिए हमारे ह्रदय में जो शक्ति है, वह तुम ही हो हमारे ह्रदय में जो भक्ति है वह तुम ही हो और हे¡ माँ तुम्हारी ही प्रतिमा सभी मंदिरों में स्थित है, इसलिए हे¡ माँ मैं तुम्हें नमन करता हूँ और तुम्हें प्रणाम करता हूँ। 

त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी
कमला कमलदलविहारिणी
वाणी विद्यादायिनी, नामामि त्वाम्‌
कमलां अमलां अतुलां सुजलां सुफलां मातरम्‌।
वंदे मातरम्‌ ॥

अर्थ :- हे! माँ तुम ही दस अस्त्र धारण करने वाली माँ दुर्गा हो और तुम ही कमल पर विराजमान होने वाली माँ लक्ष्मी भी हो। तुम ही वाणी और विद्या देने वाली माँ सरस्वती हो हे! माता मैं तुम्हें प्रणाम करता हूँ। हे! माँ तुम धन देने वाली हो और तुम पवित्र हो अर्थात तुम्हारी किसी से तुलना नहीं की जा सकती, क्योंकि तुम जल देने वाली हो और फल देने वाली हो इसलिए से माँ मैं तुम्हें सादर प्रणाम करता हूँ। 

श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषितां
धरणीं भरणीं मातरम्‌ ॥
वंदे मातरम्‌ ।

अर्थ :- हे! माँ तुम श्यामवर्ण वाली अतिसरल हमेशा ही हंसने और मुस्कुराने वाली सुंदर आभूषण धारण करने वाली और इस जगत का पालन पोषण करने वाली माँ हो इसलिए हे! माँ मैं तुम्हें सादर प्रणाम करता हूं।

दोस्तों यहाँ पर आप राष्ट्रीय गीत इन हिंदी (india rashtriya geet) वन्दे मातरम सुजलाम सुफलाम का अर्थ आदि तथ्य पढ़े। आशा करता हुँ, आपको यह लेख पसंद आया होगा।

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