गेंहूँ पर निबंध Essay on whaet
गेंहूँ पर निबंध Essay on whaet
हैलो नमस्कार दोस्तों आपका बहुत - बहुत स्वागत है, इस लेख गेंहूँ पर निबंध (Essay on whaet) में। दोस्तों इस लेख में आज
आप गेंहूँ पर निबंध पड़ेंगे कि गेंहूँ क्या है, गेंहूँ कैसे उगाया जाता है? गेंहूँ के उपयोग आदि। तो आइये शुरू करते है, यह निबंध गेंहूँ पर निबंध:-
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गेहूँ क्या है What is wheat
गेहूं विश्व की प्रमुख फसल है, जिसकी खेती विश्व भर में की जाती है, हमने जानते है, कि पूरे विश्व में भोजन के लिए उगाई जाने वाली अन्य फसलों में मक्का के बाद गेहूं दूसरी सबसे ज्यादा उगाई जाने वाली फसल है, जो शीत ऋतु में उगाई जाती है।
गेहूं विश्व का सबसे सामान्य उपयोग होने वाला अनाज है साथ ही एक यह मुख्य अनाज और ऊर्जा का एक बेहतर स्रोत है। अपने प्राकृतिक बिना छने हुए रूप में इसमें बहुत से पोषक तत्व होते हैं, इसीलिए गेहूं एक ऐसा अनाज है जो हमारे अंदर पोषक तत्वों की पूर्ति करता है तथा ऊर्जा प्रदान करता है
और है यह न केवल भारत में बल्कि पूरे दुनिया में उगाया जाता है और उपयोग होता है जो सबसे अधिक प्रचलित है। यह हमें कार्बोहाईड्रेट देने में सबसे अच्छा अनाज है जिसे रोटी बना के तथ्य अन्य कई खाद पदार्थो के रूप में खाने के लिए उपयोग करते है।
गेहूँ की फसल कैसे उगाएँ How to grow wheat crop
गेहूं की फसल की अच्छी पैदावार लेने के लिए भूमि की अच्छी तैयारी करना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, खेत की जुताई के लिए मोल्डबोर्ड हाल्या डिस्क हैरो से करते हैं इसके बाद हैरो द्वारा क्रॉस जुताई कर कल्टीवेटर से एक जुताई कर कर फाटा लगाकर मिट्टी को समान कर लेते हैं और पहली या दूसरी जुताई के बाद
खेत खराब तो बार रहित हो जाए और भूमि में पर्याप्त रहे तो गेहूं की बीज की बुवाई की जा सकती है। प्राचीन समय में किसान को बड़ी ही मेहनत करके और गेहूं उगाना पड़ता था, लेकिन आज (science) विज्ञान ने हमें गेहूं की खेती को आसान और अधिक उपजाऊ बनाने के लिए कई मशीनों का आविष्कार किया है जो बुवाई से लेकर कटाई तक का काम करती है। वैसे तो गेहूं की खेती हर प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है, लेकिन गेहूं की अच्छी फसल के लिए
दोमट एवं बलुई मिट्टी सही मानी जाती है, कियोकि इस मिट्टी में गेंहूँ की फसल के लिए पर्याप्त पोषक तत्व होते है जबकि गेंहूँ की खेती के लिए मिट्टी का पीएच मान 6.5 से 7.5 तक अच्छा माना जाता है, गेहूँ की अच्छी फसल के लिए गोबर के खाद का उपयोग वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग सही होता है।
गेहूँ का वैज्ञानिक नाम Scientific name of wheat
गेहूँ एक पौधा है जो पादप जगत के अंतर्गत आता है, तथा मानव जीवन में एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। गेहूं का वैज्ञानिक वैज्ञानिक नाम ट्रिटीकम एस्टीवम होता है, यहाँ पर निम्न प्रकार से स्पष्ट किया गया है:-
जगत :- पादप
वर्ग :- ट्रैकियोफइटा
उपवर्ग :- आवृत्तबीजी
गण :- एकबीजपत्री
परिवार :- पोयसी
वंश ट्रिटीकम
जाति :- ऐस्टिवम
गेहूँ के प्रकार Type of wheat
आज का युग विज्ञान का युग है और विज्ञान ने असंभव को भी संभव कर दिया है,कियोकि आज विज्ञान ने अपनी तकनीकी का उपयोग कर गेंहूँ की विभिन्न उच्च गुणवत्ता वाली किस्मे प्रदान की है,जो निम्न है:-
- पूसा तेजस गेहूँ 8713
- हाइब्रिड गेहूँ
- गेहूँ संकर किस्म 3086
- गेहूँ
- मगहर k8027
- कारण नरेन्द्र
- कारण श्रेया
- कारण बंदना
- इंद्रा k8962
- गोमती k 9465,k 9644
- मंदाकिनी k 9251
- गेहूँ 1150किस्म
- संकर किस्म 1544
- गेहूँ बीज 322
- देवा k 9107
- राजश्य लक्ष्मी
- नरेंद्र गेहूँ 1012,1014,2036,1076
- उजियार k 9006
- त्रिवेणी k 8020
- शोनाली
- गंगा
- PBW443 और 343
- HP 1.731,1744
- DVW14
यह सभी ज्यादा उत्पादन देने वाली गेहूं के बीजों के रूप में भारतीय बाजारों में बिकने वाली किस्मे है।
गेहूं के उपयोग Use of wheat
हमारे देश के लगभग सभी राज्यों में गेहूं की खेती की जाती है, कियोकि गेहूं न सिर्फ पोस्टिक आहार है बल्कि केक ब्रेड उद्योग के लिए अति महत्वपूर्ण फसल है और आज गेहूं से कई तरह के खाद्य उत्पाद बनाए जाते है,
जैसे टोस्ट,ब्रेड ,केक ,बिस्किट और भी काफी उत्पाद है जिनकी मांग बाजार में बहुत होती है, जिससे गेहूं के उत्पाद बनाने वाली कंपनियां काफी आमदनी कमाती है और लाखों लोगो को रोजगार प्राप्त होता है। गेहूँ अनाज के साथ-साथ भूसे के रूप में किसानों को प्राप्त होता है गेहूं से प्राप्त चारे को किसान अपने पशुओं के आहार में प्रयोग करते हैं। गेहूँ प्रोटीन, विटामिन एवं कार्बोहाइड्रेट का स्त्रोत है यह संतुलित भोजन प्रदान करता है।
गेंहूँ खाने के फायदे Benifit of wheat
गेंहूँ एक महत्वपूर्ण पोषक पदार्थ है जो हमारे शरीर को विभिन्न रोगों से बचाता है, जबकि शरीर की वृद्धि विकास के साथ शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। यहाँ पर गेंहूँ के कुछ फायदे निम्न प्रकार है :-
- साबुत आनाज खाने के अनेक फायदे है कियोकि इससे चोकर अलग नहीं होता कियोकि चोकर में फाइबर, विटामिन, खनिज, लिग्नांस, फाइटोस्टेरोजेन्स, फेनोलिक,
- बायोटिन, विटामिन बी6, फोलिक एसिड, राइबोफ्लेविन, नियासिन और पैंटोथेनिक एसिड आदि तत्व विधमान होते है, जो शरीर को पोषण वृद्धि प्रदान करते है तथा कई रोगों से रक्षा करते है।
- कई वैज्ञानिक शोध करने के पश्चात् यह निष्कर्ष निकाला गया कि गेंहूँ के पोषक तत्व कैंसर जैसी व्यधियों शरीर की सूजन आदि को कम करता है।
- गेंहूँ एक अच्छा खाद्य पदार्थ है, जिसे आसानी से पचाया जा सकता है और ऊर्जा का श्रोत बनता है, जबकि गेंहूँ का नित्य प्रति उपयोग टाइप 2 मधुमेह रोग को कम करने में सहायक होता है।
- गेहूँ का नित्य प्रति उपयोग करने से मोटापा कम करना जबकि गेहूं के पानी के उपयोग से कब्ज दस्त पेट की समस्याएं खत्म होने लगती हैं, वही ह्रदय रोग में भी गेहूं के नित्य प्रति उपयोग करने से आराम मिलने लगता है।
दोस्तों यहाँ पर आपने गेंहूँ पर निबंध (Essay on whaet) पढ़ा। आशा करता हुँ, आपको यह लेख पसंद आया होगा।
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